Saturday, April 15, 2023

गीत

 गीत

// दिनेश एल० "जैहिंद"


कोई गर कहीं बे-सहारा मिले !

चलके दो कदम लगा लो गले !!

कोई गर.........................

......................................



गर यूँ तुम कर ना सकोगे भला!

कब कोई तुम-सा होगा अगला!!

कोई गर...........................

........................................


१)

देके सहारा बे-सहारों को जो तुम!

अपने हृदय से लगाओगे जो तुम !!

बद-दुआ की जगह दुआ ही लोगे!

खुदके दिल में बिठाओगे जो तुम !!

कोई गर..............................

...........................................


२)

आती रात प्यारे जैसे ही शाम ढले,

होती सुबह यारो जैसे ही रात टले !

नहीं यूँ दिखाओगे तुम जो कौशल,

किसी के दुख भला कब कैसे टले

कोई गर...............................

.…........................................


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